Wednesday, June 21, 2006

कल हो न हो

Tomorrow never dies... but only in James Bond movies. Here is about living for the moment.
कल हो न हो

हर घड़ी बदल रही है रूप ज़िंदगी
छाँव है कभी कभी है धूप ज़िंदगी
हर पल यहाँ जी भर जियो
जो है समाँ कल हो न हो

चाहे जो तुम्हें पूरे दिल से
मिलता है वह मुश्किल से
ऐसा जो कोई कहीं है
बस वही सबसे हसीं है
उस हाथ को तुम थाम लो
वह मेहरबाँ कल हो न हो

हर पल यहाँ जी भर जियो
जो है समाँ कल हो न हो

पलकों के ले के साये
पास कोई जो आये
लाख सम्भालो पागल दिल को
दिल धड़के ही जाये
पर सोच लो इस पल है जो
वो दास्ताँ कल हो न हो

हर घड़ी बदल रही है रूप ज़िंदगी
छाँव है कभी कभी है धूप ज़िंदगी
हर पल यहाँ जी भर जियो
जो है समाँ कल हो न हो

हर पल यहाँ जी भर जियो
जो है समाँ कल हो न हो

जो है समाँ कल हो न हो

सोनि बन्नो चन सि चमके
मथे उथे झुम्कर दमके
पल्क उथ दिय ने थुम थुम के
मैन वरि वरि जव
सोनि बन्नो चन सि चम्के
मथे उथे झुम्कर दमे
पल्क उथ दिय ने थुम थुम के
मैन वरि वरि जव

तु वेख तै लै अज रज के
अप्ने सरियन नु
चेति अप्ने नहि मिल दे
ज बन्नो पवे खुशियन ते दिल दरियन तु
पवे अर्मान सब दिल दे
तु वेख तै लै अज रज के
अप्ने सरियन नु
चेति अप्ने नहि मिल दे
ज बन्नो पवे खुशियन ते दिल दरियन तु
पवे अर्मान सब दिल दे

तुम हो ग़्हम को चुपाये
मैं हूँ सर को झुकाये
तुम भी चुप हो
मैन भी चुप हूँ
कौन किसे समझाये
( अब दूरियाँ इतनी हैं तो
मिलना यहाँ कल हो ना हो ) -२

तु वेख तै लै अज रज के
अप्ने सरियन नु
चेति अप्ने नहि मिल दे
ज बन्नो पवे खुशियन ते दिल दरियन तु
पवे अर्मान सब दिल दे

मङ्गलं भगवान विष्णुः मङ्गलं गरुडध्वजः
मङ्गलं पुण्डरीकाक्षः मङ्गलायतनो हरिः

सच है कि दिल तो दुखा है
हमने मगर सोचा है
दिल जो है ग़म क्यों
आँख है नम क्यों
होना ही था जो है हुआ
उस बात को जाने भी दो
जिसका निशाँ कल हो ना हो
हर पल यहाँ जी भर जियो
जो है समाँ कल हो ना हो

2 comments:

Yafaau's Daddy said...

Kal ho na ho is a great movie. Maybe Sharukh khan loved and lived for that moment in the film dho.

rxs said...

nice to see u going multiLingual.. nice yet, to see someone actually read it..
go type in some hindi/nepali blogsite u idiot :p